जिला चिकित्सालय झाबुआ मे कायाकल्प के नाम पर हो रहा गोलमाल
आरएम ओ और इनकी तिकड़ी क़र रही अपना कायाकल्प

झाबुआ से सुनील खोडे की रिपोर्ट – जिला चिकित्सालय मे हर वर्ष की तरह असेसमेंट टीम आती है और अस्पताल की व्यवस्था को देखती है टीम आने के सिर्फ दो तीन दिन अस्पताल को चकाचक क़र हॉस्पिटल प्रशासन यह दिखाने का प्रयास करता है की अस्पताल व्यवसथा चुस्त दुरस्त है मरीजों को हर सुविधा मिल रही आनन फानन रजिस्टऱ त्यार करवाए जाते है जबकि इसके पीछे एक तिकड़ी अपना कायाकल्प करने मे लगी रहती, लाखो के बिल लगाए जाते टीम के जाने के बाद पूरी अव्यस्था का अम्बार लग जाता है यहां तक की मरीजों के पिने के पानी से लगाकर बैठने की व्यवस्था तक ठीक से नही होती कीसी को कुछ लेना देना नही, विशेषक़र आरएमओ बहारी अधिकारीयों के सामने इस प्रकार पेश आते जेसे सब ठीक है इनका कार्य अनेशथिशिया देने का है और ये साहब हॉस्पिटल मे 2 बजे बाद प्रायवेट हॉस्पिटलो की खाक छानते फिरते मेघनगर, थांदला, पेटलावाद आदि जगहों पर अपनी सेवा देते है, यहां मरीज परेशान होते रहते है प्रायवेट हॉस्पिटल इन्होने गोद लिए हुवे है जिससे इनका कायाकल्प चल रहा जबसे ये आर एम ओ बने तबसे इन्होने हर बार की तरह लाखो के बिल पुताई के बिना टेंडर प्रकिया के करवाए है पुताई के रास्ते कायाकल्प क़र रही, तिकड़ी l लाखो के कायाकल्प, और लछ्य कार्यक्रम अंतर्गत लछमीयत्र छाप रहें l टीम के जाते ही अस्पताल अस्तबल की तरह बन जाता चारो और गंदगी बदबू की भरमार मिलेगी, cs सिर्फ नाम के काम आर एम ओ खेल रहें यह पद द्वितीय श्रेणी का है इन्हे हटाकर कीसी द्वितीय श्रेणी चिकित्सा अधिकारी को दी जानी चाहिए इनका काम सिर्फ हवाबाजी करना है और अपना कायाकल्प क़र रहें जांच का विषय है की ये 1 बजे बाद किन किन हॉस्पिटल की शोभा बड़ा रहें और अपना कायाकल्प क़र रहें जो टीम बहार से आरही उनकी आँखो मे धूल झोकने का काम बड़ी लग्न से किया जा रहा है, पानी की तंकियों पर सिर्फ स्लिप लगाकर उस पर सफाई की तारीखे लिख रहें जबकि वास्तविकता मे ये है की पानी की टांकियों को सफाई किये सालो होगये, टीम भी अंदर झाक क़र नही देखती उसे भी सिर्फ लाली लिपस्टिक देखना है वे सिर्फ नाम के लिए आते है और काढ़कनाथ की सेवा के लिए इनकी सेवा मे कोई कमी नही होना कल रात से टीम की आव भगत मे तिकड़ी लगी हुई है l जिससे की इनके no अच्छे मिले ‘अवार्ड मिले पैसा मिले और ये तिकड़ी चौकड़ी अपना कायाकल्प क़र ले l अगले अंक मे आपको आर एम ओ के और नये खुलासे करेंगे, और एक चिकित्सा अधिकारी कपल है जो अस्पताल मे ऑपरेशन सीजर के नाम अपना कायाकल्प क़र रहें उनके बारे मे विस्तृत जानकारी के साथ

