राणापुर अस्पताल मे वह कौन महिला चिकित्सक जो सरकारी भवन मे सोनोग्राफी चला रही
सोनोग्राफी मे क़र रही मोटी कमाई
जिले के राणापुर हॉस्पिटल की एक महिला चिकित्सक सरकारी भवन मे सोनोग्राफी सेंटर शासन के नियम विरुद्ध क़र रही संचालन कुछ नर्सिंग ऑफिसर ने नाम नही बताने की शर्त पर बताया की उक्त महिला चिकित्सक अस्पताल मे आने वाली और भर्ती होने वाली हर गरीब महिला को अच्छी जांच करवाने के बहाने नर्सिंग स्टॉफ पर दबाव बनाकर अपने घर बुलाती है और सोनोग्राफी के नाम पर मोटी रकम वसूल रही है l शासन के शख्त निर्देश है की कोई भी शासकीय चिकित्सक अपने घर पर कीसी भी प्रकार का इक्यूपमेंट, मसीने, नही रखेगा ना कीसी मरीज का इलाज करेगा पर उक्त महिला चिकित्सक बेखौफ होकर सोनोग्राफी सेंटर वर्षो से हॉस्पिटल कैम्पस मे चला रही सब नियमों को ताक पर रखकर ये धड़ल्ले से काम को अंजाम दे रही है रोज लाखो रूपये छाप रही दिनभर इनका मन अस्पताल मे नही लगता हर दो पांच मिनिट मे घर मरीज देखने जाती है पुरे अस्पताल का हाल बेहाल है खुद की नाकामिया छुपाने अपने ही अधीन कर्मचारीयों की शिकायत करना इनकी कार्य शैली है सय्या भये कोटवाल तो डर काहे का ये खुद यहां की सिबिएम ओ है खुद ने अपने नाम से बी एम ओ वाहन लगा रखा जो घर की शोभा बड़ा रहा बिना चक्का चले मैडम जी लाखो के वारे न्यारे क़र रही उक्त महिला चिकित्सक को पूर्व मे भी दो तीन बार cbmo, bmo के चार्ज से इनकी कार्य शैली के कारण हटाया जा चूका है इनके सिर्फ इनके 2020से 2022 और उसके पूर्व 2008 से जबतक रही तबतक के कार्यों की जांच की जाये तो सब कुछ सामने आजायेगा, शासन की नियमों की अवहेलना क़र घर पर प्रेक्टिस करते पाए जायेंगे इन्हे शासन की योजनाओं और कार्यक्रम से कोई लेना देना नही अस्पताल मे दोनों दम्पति चिकित्सक के पद पर पदस्थ है पर एक घर पर प्रेक्टिस करता एक अस्पताल मे होता फिर ज़ब वो अस्पताल जाता तो दूसरा घर आजाता यही क्रम दोनों का निरंतर चलता रहता दोनों दम्पति का वर्षो से राणापुर और आसपास बहुत विरोध है उक्त चिकित्सक सीजर केश को अपने कमीशन के चक्कर मे खुद की bmo वाहन मे बैठाकर पेटलावाद चॉयल अस्पताल ले जाते है कभी दाहोद ज़ब से ये cbmo बनी है और खुलकर लछमी यन्त्र कमाने मे लगी है रोगी कल्याण समिति को इन्होने अपने कल्याण के लिए इस्तेमाल क़र रही यहां पर जो भी हो रहा सब अनियमिता की भेट चढ़ रहा l cbmo सिर्फ अपने क्लिनिक का सोचती एक समय था ज़ब ये cbmo नही थी तब पुरे जिले मे राणापुर हर कार्यक्रम और योजनाओं मे अव्वल रहता था पर इन्होने cmho डॉ ठाकुर से सेटिंग क़र फिर cbmo पद हासिल क़र लिया सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए आज राणापुर chc हर मामलो मे फिससड़ी है हर बार हर मीटिंगो मे मैडम साहिबा नये जुमलों और शिकायतो को लेकर ख़डी हो जाती और अधिकारीयों का ध्यान भटकाती रहती इन्हे शासन की योजनाओं से कोई सरोकार नही बस अपना स्वार्थ सीधी मे लगे है विशेष सूत्रों से ज्ञात हुआ है की इनकी अनुपस्थिती मे भी सोनोग्राफी मशीन चलती है वह कौन ऑपरेटर क़र रहा जांच का विषय है l हर सुविधा से परिपूर्ण हॉस्पिटल होने के बावजूद गरीब लोग दाहोद झाबुआ जाने को मजबूर हो रहें l शासन को और कलेक्टर महोदय और सीएम एच ओ साहब को यहां के बारे मे सोचना चाहिए, इन लालची प्रवती के लोगो की बजाय एक साफ सुथरी छवि के चिकित्सक को प्रभार दिया जाये ताकि यहां उक्त महिला चिकित्सक का खेला खत्म हो l अगले अंक मे फिर मिलते

